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Rekha In An Old Interview: 'बिना Sex आप असल में किसी आदमी के करीब नहीं आ सकते, यह इत्तेफाक है कि मैं कभी प्रेग्नेंट नहीं हुई', जब रेखा ने यह बयान देकर कर दिया था हैरान / Rekha In An Old Interview: 'बिना Sex आप असल में किसी आदमी के करीब नहीं आ सकते, यह इत्तेफाक है कि मैं कभी प्रेग्नेंट नहीं हुई', जब रेखा ने यह बयान देकर कर दिया था हैरान

प्यार में सेक्स नेचुरल है, लोग बकवास करते हैं कि महिला को यह सुहागरात पर ही करना चाहिए: रेखा

Rekha In An Old Interview : It is sheer fluke that I have never got pregnant so far
मुंबई. 64 साल की रेखा (Rekha) किसी न किसी वजह से चर्चा में बनी रहती हैं। अब वे यह कहकर चर्चा में हैं कि अगर उनकी कोई बेटी होती तो बिल्कुल कंगना रनोट (Kangna Ranaut) की तरह होती। (पढ़ें पूरी खबर) खैर, 4 दशक पहले रेखा ने ऐसा ही एक बयान देकर सबको चौंका दिया था। करीब 4 दशक पहले रेखा ने एक इंटरव्यू में सेक्स लाइफ को लेकर बात की थी। उनकी मानें तो बिना सेक्स के किसी पुरुष के करीब नहीं पहुंचा जा सकता था। रेखा ने कहा था- इत्तेफाक से मैं कभी प्रेग्नेंट नहीं हो सकी...
- यासेर उस्मान (Yasser Usman) की बुक 'रेखा : एन अनटोल्ड स्टोरी' (Rekha: An Untold Story) में रेखा के इस स्टेटमेंट का जिक्र है। बुक के मुताबिक, करीब 40 साल पहले रेखा ने कहा था, "आप किसी आदमी के करीब, वाकई करीब बिना सेक्स के नहीं आ सकतीं। यह इत्तेफाक है कि मैं कभी प्रेग्नेंट नहीं हुई। प्यार में सेक्स एक सामान्य प्रक्रिया है और जो लोग यह कहते हैं कि एक महिला को सेक्स सिर्फ सुहागरात पर करना चाहिए, वे बकवास करते हैं।"
मैं नरक से गुजरी हूं: रेखा
- रेखा की शादी 1990 में दिल्ली बेस्ड बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल (Mukesh Agarwal) से हुई थी। लेकिन इसके 7 महीने बाद ही मुकेश ने रेखा के दुपट्टे से लटककर जान दे दी थी। लोगों ने इस घटना के लिए रेखा को जिम्मेदार ठहराया था। बॉलीवुड से सिर्फ शशि कपूर रेखा के साथ खड़े थे और बाकी लोग उन्हें मुकेश की सुसाइड के लिए दोष दे रहे थे। इन सब बातों पर रिएक्शन देते हुए एक एक इंटरव्यू में रेखा ने कहा था, "जिंदगी में इतना कुछ होने के बाद भी मुझे लोगों पर भरोसा है। मेरी शादी के बारे में लोग वही जानते हैं, जो कुछ लिखा गया। उससे ज्यादा नहीं। वह जो हर दिन निजी नरक से गुजरी, वह जिसने तकलीफों से भरी सच्चाई न बताने का रास्ता चुना...आज सिर्फ लेने-देने और देने-लेने की बात होती है। इसमें मेरे लिए क्या है? नेटवर्किंग। गले काटे जा सकते हैं, पीठ में छुरा घोंपा जा सकता है। एक वक्त वह भी था, जब मैं वाकई नरक से गुजर रही थी। गहरे अंधेरे गड्ढे में थी या फिर मुझे उस वक्त ऐसा लग रहा था।"

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